ईरान-इजरायल तनाव: दुबई में फंसी चंद्रपुर की बेटी की सुरक्षित वतन वापसी
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, एड. आशीष जायसवाल और मुकेश जिवतोडे के प्रयासों से मिली बड़ी राहत
चंद्रपुर:11 मार्च 2026
ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण मध्य-पूर्व (मिडल ईस्ट) में पैदा हुई अस्थिरता के बीच, दुबई में फंसी चंद्रपुर जिले की ज्योति पुरुषोत्तम दुपारे आखिरकार सुरक्षित भारत लौट आई हैं। कई दिनों तक डर और अनिश्चितता के साये में रहने के बाद, अपने परिवार के पास लौटने की खुशी दुपारे परिवार के लिए बेहद भावुक क्षण लेकर आई। परिवार ने इस सफल वापसी का श्रेय राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, शिवसेना के पूर्व विदर्भ संपर्क मंत्री एड. आशीष जायसवाल और शिवसेना के चंद्रपुर लोकसभा संगठक मुकेश जिवतोडे के विशेष प्रयासों को दिया है।
🍁युद्ध के साये में फंसी थी ज्योति…
कुछ दिनों पहले जब ज्योति दुपारे दुबई में थीं, तब ईरान-इजरायल युद्ध की आहट और बढ़ते तनाव के कारण वहां का माहौल काफी चिंताजनक हो गया था। लगातार आ रही युद्ध की खबरों और बिगड़ते हालात ने ज्योति को डरा दिया था। वह जल्द से जल्द अपने वतन और परिवार के पास आना चाहती थीं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण वापसी की राह कठिन नजर आ रही थी। इस दौरान ज्योति और उनका परिवार भारी मानसिक तनाव से गुजर रहा था।🍁ऐसे मिली मदद
अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर चिंतित पिता ने शिवसेना के चंद्रपुर लोकसभा संगठक मुकेश जिवतोडे से संपर्क किया और पूरी स्थिति की जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिवतोडे ने तुरंत मदद का हाथ बढ़ाया और पूर्व विदर्भ संपर्क मंत्री एड. आशीष जायसवाल को इस बारे में सूचित किया।
इसके बाद, एड. आशीष जायसवाल ने सीधे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से संपर्क कर ज्योति की सुरक्षित वापसी के लिए गुहार लगाई। सरकार के त्वरित हस्तक्षेप और सहयोग से ज्योति की दुबई से भारत वापसी की व्यवस्था की गई और वह सुरक्षित अपने घर पहुंच सकीं।🍁 भावुक हुईं ज्योति
अपने घर लौटने पर ज्योति दुपारे ने भावुक होते हुए कहा:”उन दिनों मन में बहुत डर और बेचैनी थी। हर पल यही चिंता सताती थी कि क्या मैं सुरक्षित अपने देश और परिवार के पास लौट पाऊंगी? लेकिन कठिन समय में मिली मदद की वजह से आज मैं अपने घर पर हूं।”
ज्योति ने इस संकट की घड़ी में साथ देने के लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मंत्री एड. आशीष जायसवाल, मुकेश जिवतोडे, विशेष कार्य अधिकारी राहुल गेठे और श्रवण अभंग का तहे दिल से आभार माना है। उन्होंने कहा कि वह इस उपकार को जीवन भर नहीं भूलेंगी।
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